अहलेबैत (अ) न्यूज़ एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी वहाबी मुफ्ती शेख अब्दुल अज़ीज़ आले शेख़ ने मुहर्रम के आगमन पर एक टीवी इंटरव्यूव में यज़ीद मलऊन के खिलाफ़ इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के आंदोलन के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा यज़ीद शरई तरीक़े से मुसलमानों का हाकिम व ख़लीफ़ा नियुक्त हुआ था जिसकी इताअत (आज्ञापालन) वाजिब थी और हुसैन इब्ने अली (अ.) का उसके खिलाफ़ आंदोलन इस्लामी शासक के विरूद्ध विद्रोह था जो शरई तौर पर हराम है!
इस वहाबी मुफ्ती ने बिना उन बातों को बयान करते हुए कि यज़ीद मलऊन गुमराह और गुनहगार इंसान था, वह खुल्लम खुल्ला धार्मिक आदेशों का अपमान कर रहा था और उसने मुसलमानों की ख़िलाफ़त को तानाशाही बादशाहत में बदल दिया था, यज़ीद को सच्चा ख़लीफ़ा बना दिया और जब ऐंकर ने इस बारे में किसी किसी किताब के रिफ़्रेंस की मांग की तो उसने जवाब में कहा: आपके लिए अच्छा है कि इस बारे में किसी किताब को न पढ़ें और न किसी किताब की तलाश करें!
ग़ौरतलब है अक़्ल और समझ से खाली मुल्ला जो निश्चित रूप से यज़ीद की नस्ल से हैं और यज़ीदी इस्लाम के मानने वाले हैं, आज भी यज़ीद के समर्थन में कोई अवसर हाथ से नहीं जाने देते हैं।
यज़ीद की संतान आज भी यज़ीद की समर्थक।
सऊदी मुफ्ती की इमाम हुसैन से दुश्मनी, यज़ीद को बताया सच्चा ख़लीफ़ा।
30 अक्टूबर 2014 - 07:18
समाचार कोड: 647888
अक़्ल और समझ से खाली मुल्ला जो निश्चित रूप से यज़ीद की नस्ल से हैं और यज़ीदी इस्लाम के मानने वाले हैं, आज भी यज़ीद के समर्थन में कोई अवसर हाथ से नहीं जाने देते हैं।